
नेशनल डॉक्टर्स डे 2022 की थीम, और इसका क्या है इतिहास
हर वर्ष 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। इसे राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के नाम से भी जानते है। डॉक्टर की भूमिका हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है। पूरे विश्व में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन पृथ्वी पर हर कोई तो भगवान नहीं बन सकता है। जीना-मरना तो प्रकृति के हाथ में है। इसीलिए ईश्वर ने भगवान के रुप में डॉक्टर को पृथ्वी पर भेजा है।
हर वर्ष 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिन पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन उन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान की परवाह किये बिना नित्य मरीजों की सेवा करते है। कोविड-19 महामारी में डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किये बिना दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहे। डॉक्टर्स डे दुनिया भर में अलग-अलग दिन मनाया जाता है।
हर वर्ष 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। इसे राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के नाम से भी जानते है। डॉक्टर की भूमिका हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है। पूरे विश्व में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन पृथ्वी पर हर कोई तो भगवान नहीं बन सकता है। जीना-मरना तो प्रकृति के हाथ में है। इसीलिए ईश्वर ने भगवान के रुप में डॉक्टर को पृथ्वी पर भेजा है।
हर वर्ष 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिन पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन उन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित है जो अपनी जान की परवाह किये बिना नित्य मरीजों की सेवा करते है। कोविड-19 महामारी में डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किये बिना दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहे। डॉक्टर्स डे दुनिया भर में अलग-अलग दिन मनाया जाता है।
Keywords







